स्थानीय महिलाओं और जनप्रतिनिधियों ने एसपी को सौंपा आवेदन, कहा— “क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत करने में रही अहम भूमिका”
बोकारो में चीराचास थाना प्रभारी पुष्पराज कुमार के समर्थन में उतरे लोग, निलंबन वापस लेने की मांग तेज
स्थानीय महिलाओं और जनप्रतिनिधियों ने एसपी को सौंपा आवेदन, कहा— “क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत करने में रही अहम भूमिका”
बोकारो जिले के चीराचास थाना प्रभारी पुष्पराज कुमार के निलंबन को लेकर अब जनता का विरोध खुलकर सामने आने लगा है। गुरुवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, महिलाएं और जनप्रतिनिधि बोकारो एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर निलंबन आदेश वापस लेने की मांग की।
आवेदनकर्ताओं का कहना है कि थाना प्रभारी पुष्पराज कुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण करने और आम लोगों की समस्याओं का समाधान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लोगों ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी, चोरी की घटनाओं का खुलासा और कई जटिल मामलों का सफल निष्पादन किया गया।
“संवेदनशील और ईमानदार अधिकारी हैं पुष्पराज कुमार”
स्थानीय लोगों ने आवेदन में लिखा है कि पुष्पराज कुमार एक शांतिप्रिय, संवेदनशील और कुशल पुलिस पदाधिकारी हैं, जिन्होंने हमेशा आम जनता के हित में काम किया। घरेलू विवादों को सुलझाने से लेकर क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने तक उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।
महिलाओं ने भी थाना प्रभारी के समर्थन में आवाज उठाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में लोगों को सुरक्षा का एहसास हुआ और पुलिस-जनता के बीच बेहतर संबंध बने।
“बिना ठोस साक्ष्य निलंबन से लोगों में निराशा”
आवेदन देने पहुंचे लोगों ने कहा कि बिना ठोस साक्ष्य के की गई निलंबन की कार्रवाई से क्षेत्र की जनता निराश है। उनका कहना है कि इससे पुलिस व्यवस्था और जनता के भरोसे पर भी असर पड़ेगा।
लोगों ने प्रशासन से मांग की कि जनहित और थाना क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए निलंबन आदेश पर पुनर्विचार किया जाए।
जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी दिया समर्थन
इस दौरान वार्ड पार्षद, भाजपा नेता और समाजसेवी भी थाना प्रभारी के समर्थन में नजर आए। सभी ने एक स्वर में कहा कि पुष्पराज Kumar ने क्षेत्र में बेहतर कार्य किया है और उनकी कार्यशैली से आम लोग संतुष्ट थे।
फिलहाल प्रशासन के फैसले पर टिकी निगाहें
चीराचास थाना प्रभारी के समर्थन में बढ़ते जनसमर्थन के बाद अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हुई हैं। देखना होगा कि प्रशासन जनता की मांग पर क्या निर्णय लेता है और निलंबन आदेश पर पुनर्विचार होता है या नहीं।







