चास-चीराचास समेत ग्रामीण इलाकों में लगातार कटौती से बढ़ा जनआक्रोश, 24 घंटे में सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
बोकारो:
चास, चीराचास और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले कई दिनों से जारी अनिश्चितकालीन बिजली कटौती को लेकर जनआक्रोश तेज हो गया है। इसी मुद्दे पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) बोकारो जिला का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त से मिला और समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सेवाओं में हो रही अनियमितता पर कड़ी नाराजगी जताई और प्रशासन को जल्द समाधान का अल्टीमेटम दिया।
⚡ मुख्यमंत्री के निर्देशों का हवाला
झामुमो नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनसेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बावजूद कुछ अधिकारियों की कार्यशैली से सरकार की छवि प्रभावित हो रही है।
उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से न केवल घरेलू जीवन प्रभावित हुआ है, बल्कि पेयजल आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाएं भी चरमरा गई हैं।
⚠️ अधिकारियों को दो टूक चेतावनी
झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के सामने प्रमुख मांगें रखीं:
- चास, चीराचास और ग्रामीण क्षेत्रों की तकनीकी खामियों को 24 घंटे में दूर किया जाए।
- निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।
- लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो झामुमो सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा।
👥 प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख लोग
इस प्रतिनिधिमंडल में रतनलाल मांझी, मंटू यादव, विजय रजवार, फिरदौस अंसारी, फैयाज आलम, बैद्यनाथ महतो, रामदयाल सिंह, प्रमोद तापड़िया, भागीरथ शर्मा, सदानंद गोप, मस्तान अंसारी, सुभाष महतो, मनोज महतो, सोमनाथ घोष, अभिषेक पांडे, अख्तर अंसारी, दुर्गा शर्मा, सीताराम महतो, संपूर्ण मांझी, फिरोज अंसारी, इस्लाम अंसारी, इस्माइल अंसारी, अख्तर हुसैन, प्रेम राय, कलीम अंसारी सहित कई कार्यकर्ता शामिल थे।







