चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को दी नसीहत—पारदर्शिता, नैतिकता और राष्ट्रहित को रखें सर्वोपरि
बोकारो: सेक्टर-04 स्थित मंगलम सभागार में आयोजित कर संवाद कॉन्क्लेव 2026 में उपायुक्त अजय नाथ झा ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कर विशेषज्ञों और प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे मंचों से सार्थक निष्कर्ष निकलने चाहिए, जिससे समाज और राष्ट्रहित को मजबूती मिले।
🔴 कर व्यवस्था है राष्ट्र निर्माण की नींव
डीसी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था कर व्यवस्था पर आधारित है। शासन-प्रशासन और विकास योजनाओं के संचालन में टैक्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में कर सलाहकारों की जिम्मेदारी है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और नैतिकता के साथ करें।
⚠️ गलत प्रथाओं से बचने की अपील
उन्होंने स्पष्ट कहा कि टैक्स बचाने के साथ-साथ राष्ट्रहित को ध्यान में रखना जरूरी है। शेल कंपनियों और वित्तीय गड़बड़ियों को बढ़ावा देना देश की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक है।
🇮🇳 टैक्स भुगतान को बताएं गर्व का विषय
डीसी ने कहा कि टैक्स भुगतान को देश के विकास में योगदान के रूप में देखा जाना चाहिए। यही योगदान देश को वैज्ञानिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाता है।
🤝 नैतिकता और मूल्य ही असली ताकत
उन्होंने कहा कि पेशेवर जीवन में नैतिकता और मूल्यों का पालन जरूरी है। सत्य के मार्ग पर चलने से ही वास्तविक संतुष्टि मिलती है।
📌 देशहित सर्वोपरि
अंत में डीसी ने सभी से देशहित को प्राथमिकता देते हुए मिलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।







