AKIC के तहत प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पर विधायक श्वेता सिंह की उद्योग सचिव के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा
रांची। झारखंड के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाली अमृतसर–कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) योजना के अंतर्गत बोकारो में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) के क्रियान्वयन में तेजी लाने को लेकर शनिवार को बोकारो की विधायक श्वेता सिंह ने उद्योग विभाग के सचिव अरवा राजकमल के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
बैठक में परियोजना की वर्तमान प्रगति, प्रक्रियात्मक स्थिति, तथा निर्माण कार्य शुरू होने में आ रही बाधाओं पर व्यापक चर्चा हुई। विधायक ने कहा कि यह परियोजना बोकारो और कोलांचल क्षेत्र के दीर्घकालीन आर्थिक भविष्य से सीधे तौर पर जुड़ी है और इसके क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
बैठक में मुख्य बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान निम्न पहलुओं पर विशेष रूप से विचार-विमर्श हुआ—
भूमि चिन्हांकन एवं अधिग्रहण की अद्यतन स्थिति
सड़क, बिजली, पानी, ड्रेनेज जैसी आधारभूत संरचनाओं की उपलब्धता
विभागीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रगति
पर्यावरणीय तथा तकनीकी अनुमतियों की स्थिति
केंद्र–राज्य के बीच आवश्यक समन्वय
विधायक ने कहा कि भतुआ मौजा में IMC के लिए भूमि पूर्व से चिन्हित है। अब आवश्यकता है कि सभी विभाग परस्पर समन्वय कर लंबित प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करें, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।
बोकारो के औद्योगिक भविष्य की निर्णायक परियोजना
IMC परियोजना को बोकारो के लिए एक टर्निंग प्वाइंट माना जा रहा है। प्रस्तावित क्लस्टर में—
मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स
MSME आधारित उद्योग
स्टार्टअप एवं तकनीकी उद्योग
वेयरहाउसिंग व लॉजिस्टिक हब
जैसे ढांचे विकसित किए जाएंगे।
सार्वजनिक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस परियोजना से ₹4,000 करोड़ से अधिक के औद्योगिक निवेश और हजारों प्रत्यक्ष–अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना है।
विधायक के सतत प्रयास से बढ़ी उम्मीदें
विधायक श्वेता सिंह ने पिछले कई महीनों से
भूमि, स्वीकृतियां, नीतिगत प्रक्रियाएं और समन्वय
जैसे मुद्दों पर लगातार राज्य एवं केंद्र सरकार के स्तर पर पहल की है। उन्होंने कहा कि परियोजना को शीघ्र धरातल पर लाना उनका व्यक्तिगत संकल्प है, क्योंकि यह सीधे तौर पर युवा रोजगार, MSME विकास, तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।
उनके अनुसार—
“बोकारो केवल स्टील सिटी नहीं, बल्कि एक श्रमिक–आधारित अर्थतंत्र रहा है। अब समय है कि इसे आधुनिक उद्योग, निवेश और टेक्नोलॉजी से जोड़ा जाए। IMC परियोजना इस दिशा में निर्णायक कदम है।”
सचिव ने आश्वासन दिया—स्वीकृतियां समय पर पूरी होंगी
बैठक के दौरान उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने आश्वस्त किया कि सभी लंबित प्रशासनिक व तकनीकी प्रक्रियाओं की समीक्षा जारी है और स्वीकृतियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि IMC योजना राज्य की प्राथमिक औद्योगिक परियोजनाओं में शामिल है, इसलिए इसमें देरी नहीं होने दी जाएगी।
विधायक का संकल्प — बोकारो को नई पहचान दिलाना
विधायक श्वेता सिंह ने कहा—
“हमारा लक्ष्य है कि बोकारो का युवा पलायन न करे। वह अपने ही शहर में सम्मानजनक रोजगार पाए। बोकारो केवल स्टील उत्पादन का केंद्र न रहकर, एक आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग और MSME हब के रूप में उभरे।”
उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही यह परियोजना जमीन पर दिखाई देगी और बोकारो देश के औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान स्थापित करेगा।







