छह सूत्री मांगों को लेकर झारखंड आजीविका कर्मियों का बोकारो में अनिश्चितकालीन धरना शुरू
झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ जिला इकाई (संबद्ध—झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ) ने अपनी लंबित छह सूत्री मांगों को लेकर 21 नवंबर 2025 से बोकारो में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
यह धरना पलाश JSLPS जिला कार्यालय के समक्ष एल-5 से एल-8 स्तर के कर्मियों द्वारा जिलाध्यक्ष जानकी महतो के नेतृत्व में शुरू किया गया।
संघ का कहना है कि वर्षों से उठाई जा रही मांगों पर सरकार द्वारा अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण आंदोलन अनिवार्य हो गया है।
संघ की प्रमुख छह सूत्री मांगें
आजीविका कर्मियों ने सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं—
1. एनएमएमयू नीति को बिना संशोधन के लागू किया जाए
कर्मचारियों ने जोर दिया कि नीति में किसी भी प्रकार का परिवर्तन स्वीकार्य नहीं होगा।
2. पलाश JSLPS को सोसायटी एक्ट से हटाकर राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाए
संघ का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मियों को स्थायी सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिलना चाहिए।
3. एल-5 से एल-8 कर्मियों को योग्यता और वरीयता के आधार पर आंतरिक प्रोन्नति मिले
लंबे समय से अटकी पदोन्नति को लेकर कर्मचारियों में नाराज़गी है।
4. प्रतिवर्ष 10% स्वचालित वेतन वृद्धि लागू की जाए
संघ का कहना है कि महंगाई के अनुरूप वेतन वृद्धि आवश्यक है।
5. स्तर-7 और स्तर-8 कर्मियों को गृह जिले के नजदीकी प्रखंड में पदस्थापना का विकल्प मिले
कर्मचारियों ने इसे पारिवारिक और सामाजिक कारणों से बेहद जरूरी बताया।
6. लंबित सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया जाए
धरना स्थल पर भारी संख्या में कर्मियों की उपस्थिति
धरने में एल-5 से एल-8 स्तर के सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए।
इस दौरान DFM रामकृष्ण पाठक एवं DMFI अमरनाथ भी मौजूद रहे।
आजीविका कर्मचारी संघ ने कहा—
“जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, हम सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे रहेंगे।”







