दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित संपन्न कराने को लेकर केंद्रीय शांति समिति की बैठक
रांची: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री और वरीय पुलिस अधीक्षक रांची की संयुक्त अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में केंद्रीय शांति समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी दुर्गापूजा पर्व को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराना था।
बैठक में अपर जिला दंडाधिकारी राजेश्वरनाथ आलोक, अनुमंडल पदाधिकारी सदर उत्कर्ष कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, विभिन्न प्रशासनिक पदाधिकारी, दुर्गापूजा समिति के प्रतिनिधि और शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
पूजा समितियों के सुझाव
बैठक में समितियों ने साफ-सफाई, निर्बाध बिजली आपूर्ति, जलापूर्ति, महिला आरक्षियों की तैनाती, पंडालों में बैरिकेडिंग, विसर्जन वाहनों की उपलब्धता और ट्रैफिक प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने का आग्रह किया।
उपायुक्त के निर्देश
दुर्गापूजा के दौरान विधि-व्यवस्था और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
सभी समितियां बिजली लोड, वायरिंग एवं फायर सेफ्टी की व्यवस्था कर संबंधित पदाधिकारी से एनओसी प्राप्त करें।
पंडालों में सीसीटीवी कैमरे, वॉलिंटियर्स के आईडी कार्ड और यूनिफॉर्म की अनिवार्यता होगी।
विसर्जन बिना पुलिस बल के न हो, वाहनों की फिटनेस जांच और चालकों की जांच आवश्यक।
संदिग्ध वस्तु या गतिविधि मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
श्रेष्ठ समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था करने वाली समिति को सम्मानित किया जाएगा।
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश
पूजा समितियां प्रशासन की “आंख, कान और पैर” हैं, सहयोग से ही शांति व्यवस्था संभव है।
सभी समितियां अपने 5-5 वॉलिंटियर्स को प्रशिक्षण में भेजें और सूची थाना प्रभारी को दें।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश या अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
पंडालों में महिला-पुरुषों के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था और महिला पुलिस बल व महिला वॉलिंटियर्स की नियुक्ति की जाएगी।
सुरक्षा और यातायात प्रबंधन
प्रशासन ने बताया कि शहर के प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी, ड्रोन सर्विलांस और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। ट्रैफिक प्लान और पार्किंग जोन भी निर्धारित किए जाएंगे ताकि आम जनता को असुविधा न हो।
सामाजिक सौहार्द पर जोर
बैठक में कहा गया कि दुर्गापूजा केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। सभी समुदायों से भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई।
अंत में उपायुक्त भजंत्री ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन 24×7 जनता के सहयोग के लिए तत्पर रहेगा और सभी विभाग आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करेंगे।








