DDO बैठक में सख्त निर्देश, अप्रैल के बिल भुगतान पर रोक, 3.15 करोड़ निकासी मामले की जांच तेज
बोकारो में वित्तीय अनुशासन को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त अजय नाथ झा ने समाहरणालय सभागार में सभी डीडीओ के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में एक पैसे की भी गलत निकासी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में डीसी ने निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के स्थापना मद से हुई निकासी की विस्तृत जांच कर प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया जाए कि झारखंड कोषागार संहिता 2016 का पालन हुआ है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, अप्रैल माह के बिल भुगतान पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है।
उपायुक्त ने बिल प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पन्ने पर हस्ताक्षर अनिवार्य किया और निर्देश दिया कि बिल केवल अधिकृत ट्रेजरी मैसेंजर के माध्यम से ही जमा किए जाएंगे। कोषागार कक्ष में अनधिकृत प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
बैठक से पूर्व डीसी ने बोकारो कोषागार का औचक निरीक्षण कर 3.15 करोड़ रुपये निकासी मामले की समीक्षा की। इसके बाद सख्त कार्रवाई करते हुए सहायक लेखापाल शैलेंद्र सिंह चौधरी और चंदन कुमार रजक को हटा दिया गया तथा उनके स्थान पर नए कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।







