चास आईटीआई मोड़ स्थित सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर डीसी, एसपी और डीडीसी ने किया माल्यार्पण, नई पीढ़ी से शहीदों के आदर्श अपनाने की अपील।
बोकारो | 30 जून 2026
हूल दिवस के अवसर पर बोकारो जिला प्रशासन ने अमर क्रांतिकारी सिदो-कान्हू को श्रद्धांजलि अर्पित की। उपायुक्त अजय नाथ झा, पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना और डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने चास आईटीआई मोड़ स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कहा कि 1855 का संथाल हूल भारत के स्वतंत्रता संग्राम की मजबूत आधारशिला और राष्ट्रीय जनप्रतिरोध का प्रेरणास्रोत था।
हूल दिवस पर सिदो-कान्हू को श्रद्धांजलि
मंगलवार को हूल दिवस के अवसर पर बोकारो के चास आईटीआई मोड़ स्थित अमर क्रांतिकारी सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर उपायुक्त (डीसी) श्री अजय नाथ झा, पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्री नाथू सिंह मीना, डीडीसी श्रीमती शताब्दी मजूमदार सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
1855 का संथाल हूल बना आजादी की लड़ाई की आधारशिला
उपायुक्त ने कहा कि वर्ष 1855 का संथाल हूल केवल आदिवासी समाज का आंदोलन नहीं था, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐतिहासिक अध्याय था। उन्होंने कहा कि इसी जनविद्रोह ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वैचारिक और संघर्षपूर्ण पृष्ठभूमि तैयार की तथा अंग्रेजी शासन के विरुद्ध व्यापक जनजागरण का मार्ग प्रशस्त किया।
सिदो-कान्हू सहित छह वीरों के बलिदान को किया याद
डीसी ने कहा कि सिदो, कान्हू, चाँद, भैरव, फूलो और झानो ने ईस्ट इंडिया कंपनी की दमनकारी नीतियों के खिलाफ संघर्ष कर आदिवासी अस्मिता, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा की। उनका बलिदान पूरे देश के लिए साहस, एकता और स्वतंत्रता का प्रतीक है।
नई पीढ़ी को शहीदों से प्रेरणा लेने का संदेश
उपायुक्त ने कहा कि हूल दिवस हमें अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, सामाजिक एकता और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से महान क्रांतिकारियों के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।





