‘रचयित्री’ प्रोजेक्ट के तहत डोलन्स बुटीक एंड हैंडीक्राफ्ट ट्रस्ट के साथ MoA पर हस्ताक्षर, कांथा स्टिच, ब्यूटी थेरेपिस्ट और ऑर्गेनिक साबुन निर्माण का मिलेगा प्रशिक्षण
📍बोकारो | 29 जून, 2026
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) ने एक नई पहल की है। बीएसएल के सीएसआर विभाग ने ‘डोलन्स बुटीक एंड हैंडीक्राफ्ट ट्रस्ट’ के साथ समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए हैं। ‘रचयित्री’ प्रोजेक्ट के तहत 25 जरूरतमंद महिलाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) के निगमित सामाजिक दायित्व (CSR) विभाग ने सोमवार को ‘डोलन्स बुटीक एंड हैंडीक्राफ्ट ट्रस्ट’ के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किया। इस पहल के तहत ‘रचयित्री’ प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य बोकारो के परिक्षेत्रीय गांवों की जरूरतमंद महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।
### 25 महिलाओं को मिलेगा रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण
इस परियोजना के अंतर्गत चयनित 25 जरूरतमंद महिलाओं को कांथा स्टिच एम्ब्रॉयडरी, ब्यूटी थेरेपिस्ट कोर्स और ऑर्गेनिक साबुन निर्माण का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण की अवधि 12 महीने होगी, जिसमें कौशल विकास के साथ हैंडहोल्डिंग और महिलाओं के लिए स्थायी आय के साधन विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
### ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर फोकस
समझौता कार्यक्रम के दौरान ‘डोलन्स बुटीक एंड हैंडीक्राफ्ट ट्रस्ट’ की सचिव सुश्री डोलन मुखर्जी ने परियोजना की रूपरेखा और इसके सामाजिक प्रभाव की जानकारी दी। कार्यक्रम में बीएसएल के शीर्ष प्रबंधन, महाप्रबंधक (CSR) तथा सीएसआर विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
### महिला सशक्तिकरण के लिए बीएसएल की प्रतिबद्धता
बीएसएल ने कहा कि यह पहल उसके परिधीय क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास और महिला सशक्तिकरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर न केवल उनकी आय बढ़ाई जाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सीएसआर के जरिए बीएसएल समावेशी और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।





