बोकारो इस्पात संयंत्र में सुरक्षा अधिकारियों के साथ आयोजित विशेष संवाद में कार्यस्थल जोखिमों की पहचान, दुर्घटना रोकथाम और सुरक्षित कार्य प्रणालियों पर हुई विस्तृत चर्चा।
बोकारो | 12 जून 2026
बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) में कार्यस्थल सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से “लाइन ऑफ फायर प्रबंधन” विषय पर एक महत्वपूर्ण सुरक्षा संवाद का आयोजन किया गया।
अधिशासी निदेशक (संकार्य) के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में संयंत्र के विभिन्न विभागों के सुरक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। संवाद के दौरान संभावित जोखिमों की पहचान, दुर्घटना निवारण उपायों और सुरक्षित कार्य प्रणालियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर हुई विशेष चर्चा
कार्यक्रम के दौरान एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से “लाइन ऑफ फायर” की अवधारणा, इससे जुड़े संभावित जोखिमों और उनके नियंत्रण उपायों की जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि कार्यस्थल पर मौजूद अदृश्य जोखिमों की पहचान कर समय रहते उचित कदम उठाने से दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
दुर्घटना रोकथाम पर दिया गया जोर
सत्र में विभिन्न उदाहरणों और व्यावहारिक परिस्थितियों के माध्यम से यह बताया गया कि लाइन ऑफ फायर प्रबंधन कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कितना महत्वपूर्ण है। दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाने का आह्वान
इस अवसर पर कार्यवाहक अधिशासी निदेशक (संकार्य) ने सभी सुरक्षा अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों में मौजूद संभावित खतरों और जोखिम नियंत्रण उपायों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने अधिकारियों से कर्मचारियों के बीच सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने, सुरक्षित कार्य व्यवहार को प्रोत्साहित करने और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
शून्य दुर्घटना लक्ष्य पर फोकस
संवाद के दौरान सुरक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों में लागू सुरक्षा पहलों, सर्वोत्तम प्रथाओं और कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों से जुड़े अनुभव साझा किए। बैठक में जोखिम आधारित सुरक्षा प्रबंधन को बढ़ावा देने और शून्य दुर्घटना (Zero Accident) के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक एवं सतत प्रयासों की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।
बीएसएल प्रबंधन का मानना है कि मजबूत सुरक्षा संस्कृति और कर्मचारियों की जागरूकता के माध्यम से कार्यस्थल को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।




