संस्कृति, नीति, खेल, एआई और जमीनी भारत की कहानियों को जोड़ने वाली प्रीमियम द्विभाषी पत्रिका का अनावरण
नई दिल्ली | 21 मई 2026
Vedanta Limited ने गुरुवार को अपनी नई प्रीमियम द्विभाषी पत्रिका ‘विविध वर्स’ लॉन्च की। यह एक लिमिटेड एडिशन और कलेक्टिबल पत्रिका है, जिसका उद्देश्य भारत की अनसुनी, अनदेखी और प्रेरणादायक कहानियों को एक मंच पर लाना है।
पत्रिका में संस्कृति, सार्वजनिक नीति, उद्यमिता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, खेल, जमीनी भारत और समकालीन सामाजिक बदलावों से जुड़ी विशेष कहानियों और विचारों को शामिल किया गया है।
बदलते भारत की विविध आवाजों को मिलेगा मंच
‘विविध वर्स’ को प्रिंट और डिजिटल दोनों रूपों में उपलब्ध कराया गया है। पत्रिका भारत के गांवों, फैक्ट्रियों, स्टार्टअप्स, कक्षाओं और सांस्कृतिक क्षेत्रों से उभरती आवाजों को जोड़ने का प्रयास करती है।
अनिल अग्रवाल ने बताई पत्रिका की सोच
Anil Agarwal ने अपने संदेश में कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल बड़े उद्योग खड़े करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अवसर पैदा करने, महिलाओं को सशक्त बनाने और बच्चों को बेहतर शिक्षा व पोषण देने से जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि ‘विविध वर्स’ इसी सोच का विस्तार है, जहां कहानियों के जरिए सोच और भविष्य को आकार देने का प्रयास किया जाएगा।
कई चर्चित हस्तियों के विचार शामिल
पत्रिका के पहले संस्करण में कई प्रसिद्ध हस्तियों के विचार प्रकाशित किए गए हैं।
अर्जुन राम मेघवाल ने संविधान की ताकत पर रखे विचार
Arjun Ram Meghwal ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अवसर प्रदान करता है और उनकी व्यक्तिगत यात्रा इसी वजह से संभव हो सकी।
सोनल मानसिंह ने सभ्यतागत विरासत पर दिया जोर
Sonal Mansingh ने भारतीय सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पंकज त्रिपाठी और मनु भाकर के विचार भी शामिल
Pankaj Tripathi ने कहा कि सोशल मीडिया लाइक्स से ज्यादा जीवन के वास्तविक अनुभव महत्वपूर्ण हैं।
वहीं ओलंपिक पदक विजेता Manu Bhaker ने खेलों में अनुशासन और निरंतर समर्थन की आवश्यकता पर बल दिया।
स्टार्टअप और तकनीक पर भी फोकस
उद्यमी राहुल गर्ग ने भारतीय फैक्ट्रियों के आधुनिकीकरण की जरूरत पर सवाल उठाए, जबकि संगीत और सांस्कृतिक नवाचार पर भी कई कलाकारों ने अपने विचार साझा किए।
एआई, फूड और जमीनी उद्यमिता पर विशेष फोकस
पत्रिका में डिजिटल ट्रेंड्स, एआई आधारित शिक्षा, पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियां, फूड फेस्टिवल्स और जमीनी उद्यमिता जैसे विषयों पर भी विस्तृत लेख शामिल किए गए हैं।
हर संस्करण होगा संग्रहणीय
‘विविध वर्स’ की खास बात इसकी विशेष प्रस्तुति है। हर संस्करण के साथ सीमित संस्करण वाली फ्रेम की हुई कलाकृति भी दी जाएगी, जिससे यह केवल पढ़ने की चीज नहीं बल्कि संग्रहणीय सांस्कृतिक दस्तावेज बन सके।
निःशुल्क प्रति के लिए आमंत्रण
वेदांता लिमिटेड ने पाठकों को ‘विविध वर्स’ की निःशुल्क प्रति प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया है। इच्छुक पाठक ईमेल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।








