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महिलाओं को मिलेगी नई रफ्तार: ऑटो सेक्टर में ट्रेनिंग के जरिए आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देंगे डालमिया भारत फाउंडेशन और रेड कार्पेट

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डालमिया भारत फाउंडेशन और रेड कार्पेट लर्निंग इंस्टिट्यूट मिलकर असम, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 300 महिलाओं को ऑटो सेक्टर की ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनाएंगे।

दीक्षा पहल के तहत 300 महिलाओं को मिलेगी इंडस्ट्री-रेडी ट्रेनिंग

बोकारो: महिलाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने के उद्देश्य से, डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड की सीएसआर शाखा डालमिया भारत फाउंडेशन (DBF) ने रेड कार्पेट लर्निंग इंस्टिट्यूट के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। यह पहल ‘दीक्षा’ के तहत की जा रही है, जिसका मकसद महिलाओं को व्यावसायिक ट्रेनिंग देकर उन्हें रोजगार योग्य बनाना है।

इस संयुक्त प्रयास के तहत, असम, पश्चिम बंगाल और झारखंड में 300 महिलाओं को ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े तीन प्रमुख पदों पर ट्रेनिंग दी जाएगी:

  • ऑटोमोटिव शोरूम होस्ट

  • ऑटोमोटिव टेली-कॉलर

  • टू-व्हीलर सर्विस असिस्टेंट


अगस्त से शुरू होगी ट्रेनिंग, दिसंबर तक पूरा होगा कार्यक्रम

यह ट्रेनिंग अगस्त 2025 में शुरू होकर दिसंबर 2025 तक चलेगी। 10 बैचों में बंटे इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए महिलाओं की न्यूनतम योग्यता 10वीं पास और उम्र 18 वर्ष या अधिक रखी गई है। कोर्स पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को औसतन ₹10,000 प्रति माह की नौकरी मिलने की संभावना है।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को काउंसलिंग सपोर्ट भी मिलेगा ताकि उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। ट्रेनिंग का इन्फ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल (ASDC) के मानकों पर आधारित होगा।


90% प्लेसमेंट सहायता का लक्ष्य

कोर्स के दौरान तीन चरणों में मूल्यांकन किया जाएगा—

  1. पहला टेस्ट: कोर्स शुरू होने के एक महीने बाद

  2. दूसरा असेसमेंट: कोर्स का 90% पूरा होने पर

  3. अंतिम मूल्यांकन: कोर्स पूरा होने पर फिजिकल असेसमेंट

इस पहल का उद्देश्य प्रतिभागियों को कोर्स के 50 दिनों के भीतर नौकरी दिलाना और 90% तक प्लेसमेंट सुनिश्चित करना है।


नेतृत्वकर्ताओं की प्रतिक्रियाएँ

श्री अशोक कुमार गुप्ता, CEO, डालमिया भारत फाउंडेशन:

“हमारा मकसद एक समावेशी और मजबूत वर्कफोर्स तैयार करना है। इस साझेदारी से महिलाएं न केवल खुद को बल्कि अपने समुदाय को भी आत्मनिर्भर बना सकेंगी।”

श्री बिटन रॉय, पार्टनर, रेड कार्पेट लर्निंग इंस्टिट्यूट:

“इस तेजी से बढ़ते ऑटोमोबाइल सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। डालमिया भारत फाउंडेशन के साथ मिलकर हम व्यावसायिक स्किल्स को अवसरों में बदल रहे हैं।”


दीक्षा पहल की अब तक की उपलब्धियाँ

डालमिया भारत फाउंडेशन की दीक्षा पहल के जरिए अब तक 23,624 से अधिक लोगों को स्किल ट्रेनिंग दी जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं। यह कार्यक्रम सामाजिक और आर्थिक समावेशन को बढ़ावा देता है और स्थायी रोजगार के लिए एक मजबूत आधार बनाता है।

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