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बोकारो विधायक श्वेता सिंह के खिलाफ जांच रिपोर्ट राज्य चुनाव पदाधिकारी को भेजी गई

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विधायक श्वेता सिंह ने पैन कार्ड और वोटर आईडी से जुड़े आरोपों पर दी सफाई

बोकारो : बोकारो जिला प्रशासन ने विधायक श्वेता सिंह के खिलाफ लगे आरोपों की जांच रिपोर्ट राज्य चुनाव पदाधिकारी कार्यालय को भेज दी है। यह रिपोर्ट चास अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) द्वारा तैयार की गई है और इसमें विधायक द्वारा 16 जून को दिए गए लिखित पक्ष को आधार बनाया गया है।

जांच रिपोर्ट में विधायक की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण को मुख्य रूप से शामिल किया गया है, जिसमें उन्होंने पैन कार्ड, वोटर आईडी और हलफनामे में बकाया नहीं दिखाने से जुड़े आरोपों पर विस्तार से जवाब दिया है।


पैन कार्ड में नाम की त्रुटि अधिकारियों की गलती: विधायक

विधायक श्वेता सिंह ने बताया कि उनके पैन कार्ड में पिता की जगह पति का नाम दर्ज होना अधिकारियों की गलती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस गलती को सुधारने के लिए आवेदन पहले ही दे दिया गया है।

उन्होंने कहा कि उनके पास केवल एक वैध पैन कार्ड है, जिससे वे नियमित रूप से आयकर रिटर्न दाखिल करती हैं। यदि कोई दूसरा पैन कार्ड बना है, तो उसकी जानकारी उन्हें नहीं है और उसका कोई उपयोग नहीं किया गया। फिलहाल, वह कार्ड रद्द कराने की प्रक्रिया में है।


वोटर आईडी को लेकर उठे सवालों पर भी दी सफाई

श्वेता सिंह ने कहा कि उनकी जानकारी में केवल एक ही वोटर आईडी कार्ड है, जिसका उपयोग वे हमेशा मतदान में करती रही हैं।
पहले यह आईडी सेक्टर फोर, बी-12 पते पर बनी थी जिसे बाद में सेक्टर 3 में अपडेट कराया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि चास से बना कोई अन्य वोटर आईडी उनकी जानकारी में नहीं था। जैसे ही उन्हें इस बारे में पता चला, उन्होंने उस आईडी को रद्द कराने के लिए आवेदन दे दिया है।


क्वार्टर बकाया को हलफनामे में न दिखाने पर दी कानूनी सफाई

विधायक पर आरोप था कि उन्होंने चुनावी हलफनामे में बोकारो के दो सरकारी क्वार्टरों के बकाये का उल्लेख नहीं किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि

“चुनावी हलफनामे में सिर्फ सरकारी बकाये की जानकारी देना अनिवार्य होता है। चूंकि क्वार्टर सेल (PSU) के हैं, जो एक सार्वजनिक उपक्रम है, सरकार नहीं, इसलिए उसकी जानकारी देना विधान अनुसार जरूरी नहीं था।“

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