Home NEWS BOKARO 24 स्ट्रीट लाइटों से जगमगाया गोमदीडीह, वर्षों का अंधेरा हुआ दूर; ग्रामीणों...

24 स्ट्रीट लाइटों से जगमगाया गोमदीडीह, वर्षों का अंधेरा हुआ दूर; ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत

0
बेहतर झारखंड की पहल से गोमदीडीह गांव में 24 हैलोजन स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं।

बेहतर झारखंड की पहल पर गांव में लगी 24 हैलोजन लाइटें, सुरक्षा और सुविधा बढ़ने से ग्रामीणों में खुशी की लहर।

चास (बोकारो) | 13 जून 2026

बोकारो जिले के चास प्रखंड स्थित गोमदीडीह गांव में वर्षों से चली आ रही अंधेरे की समस्या अब खत्म हो गई है। बेहतर झारखंड संस्था की पहल पर गांव में 24 हैलोजन स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, जिससे पूरे गांव में रोशनी फैल गई है। इस पहल से खुश ग्रामीणों ने संस्था के संस्थापक सह भाजपा नेता विवेक सिंह का फूल-मालाओं से स्वागत कर आभार व्यक्त किया।

अंधेरे से रोशनी की ओर बढ़ा गांव

गोमदीडीह गांव के लोगों का कहना है कि लंबे समय से गांव की गलियां और सड़कें रात होते ही अंधेरे में डूब जाती थीं। अंधेरे के कारण लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी होती थी। कई बार सड़क और नाली में अंतर न समझ पाने से लोग गिरकर घायल भी हो जाते थे।

सुरक्षा को लेकर बनी रहती थी चिंता

ग्रामीणों के अनुसार अंधेरे की वजह से सांप-बिच्छू का डर बना रहता था। साथ ही चोरी और अन्य असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी लोगों को परेशान करती थी। खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को रात के समय घर से निकलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

24 हैलोजन लाइटों से बदली तस्वीर

बेहतर झारखंड संस्था की पहल पर गांव के विभिन्न हिस्सों में 24 हैलोजन स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गईं। लाइटें चालू होने के बाद पूरे गांव का माहौल बदल गया है। अब रात के समय भी लोग सुरक्षित और सहज तरीके से आवागमन कर पा रहे हैं।

ग्रामीणों ने जताया आभार

लाइट लगने के बाद ग्रामीणों ने संस्था के संस्थापक सह भाजपा नेता विवेक सिंह का फूल-मालाओं से स्वागत किया। ग्रामीणों ने कहा कि यह पहल केवल रोशनी तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव में सुरक्षा, सुविधा और विकास की नई शुरुआत है।

विकास की नई किरण

ग्रामीणों का मानना है कि स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था से गांव की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। लोगों के चेहरे पर अब सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद दिखाई दे रही है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version