Home NEWS BOKARO बोकारो के 173 सरकारी स्कूलों में तम्बाकू विरोधी शपथ, 71 हजार से...

बोकारो के 173 सरकारी स्कूलों में तम्बाकू विरोधी शपथ, 71 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त जीवन का संकल्प

0
बोकारो के 173 सरकारी स्कूलों में तम्बाकू विरोधी शपथ

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस से पहले जिलेभर में जागरूकता अभियान, बच्चों को गुटखा-सिगरेट से दूर रहने का संदेश

बोकारो | 21 मई 2026

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस से पहले बोकारो जिले में बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया गया। बुधवार को जिले के 173 सरकारी विद्यालयों में तम्बाकू निषेध को लेकर सामूहिक शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 71 हजार 449 विद्यार्थियों ने नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया।

यह अभियान सिविल सर्जन के निर्देश पर एवं सभी सरकारी विद्यालयों के प्राचार्यों के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को तम्बाकू एवं निकोटीन उत्पादों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था।


विद्यार्थियों ने लिया तम्बाकू और निकोटीन से दूर रहने का संकल्प

ग्रीष्मावकाश शुरू होने से पहले आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, पान मसाला, हुक्का, ई-सिगरेट, वेपिंग और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।

जिला परामर्शी मो. असलम ने बताया कि बच्चों और किशोरों को कम उम्र में नशे की लत से बचाने के लिए यह अभियान चलाया गया।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल खुद ही तम्बाकू से दूर नहीं रहेंगे, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी जागरूक करने का काम करेंगे।


कैंसर और हृदय रोग के खतरे को लेकर किया गया जागरूक

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि तम्बाकू और निकोटीन उत्पाद कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी और कई गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं।

बच्चों को यह भी समझाया गया कि आकर्षक रंग, फ्लेवर और आधुनिक डिजाइन के जरिए कंपनियां युवाओं को तम्बाकू उत्पादों की ओर आकर्षित करती हैं। ऐसे भ्रामक प्रचार से सावधान रहने का संदेश दिया गया।


विद्यार्थियों को बताए गए कानूनी प्रावधान

अभियान के दौरान विद्यार्थियों को सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम-2003, झारखंड संशोधन अधिनियम-2021 और इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम-2019 के बारे में भी जानकारी दी गई।

स्कूलों में शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि तम्बाकू सेवन केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी नुकसानदायक है।


निष्कर्ष

बोकारो जिले में चलाया गया यह जागरूकता अभियान आने वाली पीढ़ी को नशामुक्त और स्वस्थ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। हजारों विद्यार्थियों द्वारा लिया गया यह संकल्प समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दे रहा है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version