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बोकारो के 19 विस्थापित गांवों के लिए 6 नए पंचायतों का गठन, विधायक श्वेता सिंह के प्रयास से मिली बड़ी सौगात

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विस्थापितों को मिला अधिकार: 19 गांवों के लिए 6 नए पंचायतों का गठन

बोकारो: बोकारो विधानसभा के 19 विस्थापित गांवों को अब 6 नए पंचायतों में शामिल किया जाएगा। यह फैसला विधायक श्वेता सिंह के लगातार प्रयासों और झारखंड राज्य सरकार के संज्ञान में आने के बाद लिया गया है।

इस अवसर पर पचौरा, वैद्यमारा, कनफट्टा, वास्तेजी सहित विभिन्न विस्थापित गांवों से आए प्रतिनिधि मंडल ने विधायक आवास पहुंचकर श्वेता सिंह को गुलदस्ता भेंट कर साधुवाद दिया। प्रतिनिधियों ने याद दिलाया कि वर्ष 1961 में बोकारो के विकास हेतु विस्थापितों ने अपनी भूमि सेल प्रबंधन को सौंपी थी, लेकिन अधिकांश आबादी को उचित पुनर्वास से वंचित रखा गया।


विधायक श्वेता सिंह की पहल और सरकारी संज्ञान

विधायक श्वेता सिंह ने कहा, “विस्थापितों का दुख-दर्द और समस्याओं को दूर करना मेरी पारिवारिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने इस बहुप्रतीक्षित मांग पर संज्ञान लिया है और आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।”

उन्होंने जिला उपायुक्त अजय नाथ झा से मुलाकात कर डीपीएलआर को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने, बीएसएल को अधिग्रहित भूमि का पंजी-2 में म्यूटेशन कराने और दस्तावेजों के डिजिटलीकरण का कार्य शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया।


प्रशासन की गंभीरता और आगे की प्रक्रिया

जिला प्रशासन ने विस्थापित क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, अधिकार, पुनर्वास और पंचायत गठन जैसे मुद्दों पर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जिला उपायुक्त ने कहा कि औद्योगीकरण के कारण विस्थापित हुए लोगों के अधिकारों की रक्षा और उनके जीवन स्तर में सुधार प्रशासन की प्राथमिकताओं में है।


पंचायत गठन से विकास की रफ्तार तेज होगी

विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि पंचायत गठन से विकासात्मक कार्यों की गति तेज होगी, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी और ग्रामीणों को प्रशासन से सीधा जुड़ाव मिलेगा। इससे स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क और बिजली जैसी सुविधाएं तेजी से गांव तक पहुंच सकेंगी।

उन्होंने जिला उपायुक्त से कहा कि प्रस्ताव में पंचायतों की भौगोलिक सीमा, जनसंख्या, बुनियादी ढांचे की आवश्यकता और प्रशासनिक व्यवस्था का स्पष्ट डेटा शामिल किया जाए, ताकि पंचायत गठन की प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।

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