हमारा गांव – हमारे लोग अभियान के तहत जिलेभर में वरीय पदाधिकारियों ने किया योजनाओं का निरीक्षण

पंचायतों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, जल आपूर्ति और मनरेगा कार्यों का लिया गया जायजा

बोकारो: हमारा गांव – हमारे लोग अभियान के तहत उपायुक्त अजय नाथ झा के निर्देशानुसार शनिवार को बोकारो जिले के वरीय प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न प्रखंडों की चयनित पंचायतों का भ्रमण किया।
इस दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं के स्थलीय कार्यान्वयन की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं और लाभ की जानकारी प्राप्त की।


स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी, स्कूल, जल योजनाएं व आवास योजनाओं पर फोकस

निरीक्षण के दौरान पदाधिकारियों ने निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया:

  • सीएचसी/पीएचसी में डॉक्टर की उपस्थिति और दवाओं की उपलब्धता

  • आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति व पोषण आहार वितरण की गुणवत्ता

  • विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन, शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई का स्तर

  • जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन और नल कनेक्शन की प्रगति

  • प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की सूची और निर्माण की स्थिति

  • मनरेगा कार्यस्थल पर मजदूरों की उपस्थिति और भुगतान की गति


इन अधिकारियों ने इन पंचायतों का किया भ्रमण

प्रत्येक वरीय अधिकारी को एक-एक पंचायत निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी:

  • शताब्दी मजूमदार (उप विकास आयुक्त) – बारपोखर, चास

  • मेनका (निदेशक, ग्रामीण विकास शाखा) – तारानारी, चंद्रपुरा

  • वंदना शेजवलकर (जिला परिवहन पदाधिकारी) – कोह, पेटरवार

  • प्रभाष दत्ता (भूमि सुधार उप समाहर्ता) – गंगजोरी, जरीडीह

  • राज कुमार शर्मा (जिला योजना पदाधिकारी) – टिकाहारा, गोमिया

  • प्रांजल ढ़ांडा (अनुमंडल पदाधिकारी, चास) – नयावन, चंदनकियारी

  • शालिनी खालखो (जिला आपूर्ति पदाधिकारी) – बेरमो पूर्वी

  • द्वारिका बैठा (जिला भू-अर्जन पदाधिकारी) – पोण्डा, कसमार

  • मुकेश मछुआ (एसडीओ, बेरमो) – खरपीटो, नावाडीह


सीधे संवाद में उजागर हुईं समस्याएं, दिए गए त्वरित समाधान के निर्देश

पदाधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान गांव के लोगों से सीधी बातचीत की। ग्रामीणों ने बताया कि कई योजनाओं का लाभ उन्हें समय पर नहीं मिल रहा, मजदूरी भुगतान में देरी हो रही है, कुछ केंद्रों पर पोषण वितरण में असमानता है, तो कहीं आवास योजना रुकी पड़ी है।

इन समस्याओं को प्राथमिकता के साथ चिन्हित करते हुए अधिकारियों ने संबंधित विभागों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। यह अभियान प्रशासन की जन-जवाबदेही और पारदर्शिता को दर्शाता है।

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