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स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में ‘स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान’ का पावन मिट्टी संग्रह अभियान शुरू

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स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान' ने स्वतंत्रता सेनानियों के जन्मस्थलों से पवित्र मिट्टी एकत्र करने और उनके नाम पर वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की। अभियान की पहली कड़ी बोकारो के कसमार प्रखंड से हुई।

स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में शुरू हुआ पवित्र मिट्टी संग्रह अभियान, वृक्षारोपण से दी श्रद्धांजलि

बोकारो: स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान ने आज से एक ऐतिहासिक और भावनात्मक अभियान की शुरुआत की, जिसके अंतर्गत झारखंड के स्वतंत्रता सेनानियों के घरों से उनकी जन्मभूमि की पवित्र मिट्टी एकत्र की जा रही है। इस अभियान की पहली कड़ी बोकारो जिले के कसमार प्रखंड से शुरू हुई, जहां स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय काशीश्वर प्रसाद चौबे और कोंका कमार (करमाली) को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।


गर्री गांव से हुआ अभियान का शुभारंभ

अभियान की शुरुआत गर्री ग्राम निवासी अमर स्वतंत्रता सेनानी स्व. काशीश्वर प्रसाद चौबे के घर से हुई। उनके पौत्र विशाल कुमार चौबे ने संस्थान को पवित्र मिट्टी सौंपी। मौके पर आम का एक फलदार पौधा रोपित कर उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने का संकल्प लिया गया।
उनके परिजनों और ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि:

  • उनके नाम पर स्मृति वाटिका, स्मृति भवन बनाया जाए

  • खेल स्टेडियम और कसमार-पिरगुल-बंगाल बॉर्डर रोड का नाम उनके नाम पर रखा जाए

  • तोरणद्वार की मरम्मत कराई जाए

  • सरकारी स्तर पर वार्षिक स्मृति आयोजन हो

स्थानीय लोगों ने बताया कि सरकार द्वारा स्वतंत्रता सेनानी को अब तक वह सम्मान नहीं मिल पाया है, जिसके वे वास्तविक अधिकारी थे।


ओरमो गांव में कोंका कमार के घर भी पावन मिट्टी संग्रह

इसके बाद दल ने ओरमो गांव पहुंचकर अमर सेनानी कोंका कमार (करमाली) के घर से पवित्र मिट्टी एकत्र की और एक आम का पौधा लगाया। उनके परिजनों ने बताया कि सरकार ने उन्हें आज तक कोई सुविधा नहीं दी। उनके द्वारा स्वयं सामाजिक सहयोग से एक मूर्ति बनाई गई है।

उनकी मांगें थीं:

  • कोंका कमार के नाम पर स्मृति वाटिका और खेल मैदान

  • कसमार-पेटरवार रोड का नाम कोंका कमार पथ

  • सरकारी स्तर पर वार्षिक आयोजन

परिजनों का कहना था कि स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिजनों की उपेक्षा राष्ट्र के त्याग और बलिदान के साथ अन्याय है।


अभियान का नेतृत्व और दल की सहभागिता

इस चार सदस्यीय अभियान दल का नेतृत्व संस्थान के महासचिव शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’ ने किया। उनके साथ लक्ष्मण शर्मा, वीरेंद्र चौबे, प्रेमन गिरी शामिल रहे।
स्थानीय सहयोग में विकास चौबे, विपिन शर्मा, निरंजन जयसवाल, तुलसीदास जयसवाल, रूपेश कपरदार, नितेश चौबे, बोधन राम करमाली, और मनोज करमाली समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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