Home NEWS BOKARO प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कार तथा विश्वकर्मा पुरस्कार को शुरू कराए श्रम मंत्री

प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कार तथा विश्वकर्मा पुरस्कार को शुरू कराए श्रम मंत्री

0

प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कार तथा विश्वकर्मा पुरस्कार को शुरू कराए श्रम मंत्री — बीएकेएस

बोकारो: बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) ने श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर पिछले पाँच वर्षों से बंद पड़े प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कार, विश्वकर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार और राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार को तुरंत पुनः प्रारंभ करने की मांग की है।


5 वर्षों से बंद हैं सभी श्रम पुरस्कार

संघ ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि देश के विभिन्न कारखानों में कार्यरत नियमित श्रमिकों की संख्या 1 करोड़ 96 लाख तक पहुँच चुकी है। इन श्रमिकों के उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देने का प्रमुख माध्यम श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के राष्ट्रीय पुरस्कार हैं।

मंत्रालय की अनुषंगी इकाई कारखाना सलाह, सेवा एवं श्रम संस्थान (DGFASLI) सबसे योग्य आवेदकों का चयन करती है।


अंतिम बार 2018 के प्रदर्शन वर्ष के लिए दिए गए थे पुरस्कार

यह राष्ट्रीय पुरस्कार अंतिम बार वर्ष 2023 में, प्रदर्शन वर्ष 2018 के लिए दिए गए थे। उस वर्ष घोषित 69 पुरस्कारों में से 31 पुरस्कार केवल सेल कर्मियों ने जीते थे—जो रिकॉर्ड माना जाता है।

मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रदर्शन वर्ष 2020 के लिए आवेदन आमंत्रण का सर्कुलर अंतिम अपडेट है। इसके बाद किसी भी वर्ष के लिए आवेदन नहीं मँगाए गए।

बीएकेएस का कहना है कि श्रमिकों के उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देना उनका मनोबल बढ़ाता है, और पुरस्कारों का स्थगन लगभग दो करोड़ श्रमिकों के साथ भेदभाव है।


सभी लंबित वर्षों के लिए एक साथ घोषणा की मांग

यूनियन ने श्रम मंत्री को भेजे गए पत्र में मांग की है कि:

  • सभी लंबित वर्षों के श्रम पुरस्कार एक साथ घोषित किए जाएँ,

  • DGFASLI को निर्देश दिया जाए कि प्रत्येक वर्ष समय पर आवेदन आमंत्रित किए जाएँ,

  • योग्य श्रमिकों का चयन निष्पक्षता से किया जाए।


बीएकेएस का बयान

संघ ने कहा—
“इतने महत्वपूर्ण श्रम पुरस्कारों को स्थगित करना श्रमिक वर्ग के साथ पूर्ण रूप से भेदभाव है। सेल कर्मियों ने अब तक कुल श्रम पुरस्कारों का 20–25% हिस्सा जीता है, जो उनके योगदान और उत्कृष्ट श्रम को प्रमाणित करता है।”

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version