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सेन्टरींग प्लांट के ठेका मजदूरों को मिला न्याय, वर्षों से हो रहे आर्थिक शोषण पर लगी लगाम

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वर्षों से हो रहे थे आर्थिक और मानसिक शोषण

बोकारो: सेन्टरींग प्लांट में कार्यरत ठेकाकर्मियों का वर्षों से कुछ ठेकेदारों द्वारा आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा था। ठेकेदार मजदूरों से यूएसडब्ल्यू (USW) और एसडब्ल्यू (SW) वेतन मद से प्रति माह ₹5000 से लेकर ₹9000-₹10000 तक की अवैध वसूली करते थे। यह वसूली मजदूरों के बैंक खाते में जमा वेतन में से जबरन की जाती थी।

जय झारखंड मजदूर समाज से जुड़ने पर बदली तस्वीर

शोषण से त्रस्त होकर सेकड़ों मजदूरों ने परम आदरणीय गुरुजी शिबू सोरेन के नीतियों से प्रभावित होकर जय झारखंड मजदूर समाज की सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद ठेकेदारों द्वारा मजदूरों को डराने-धमकाने, कुछ को काम से निकालने और नियम के विपरीत छत्तीसगढ़ स्थानांतरण जैसे आदेश दिए जाने लगे।

यूनियन की पहल से मिला न्याय 

जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बी के चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सेन्टरींग प्लांट के मुख्य महाप्रबंधक से मिलकर इस उत्पीड़न की शिकायत की। इसके बाद ठेकेदारों द्वारा की जा रही अवैध वसूली पर रोक लगी और मजदूरों को पिछले दो महीनों से पैसा वापस देना बंद कर दिया गया है।

यूनियन कार्यालय में मनाया गया विजय उत्सव

इस राहत को लेकर मजदूरों ने यूनियन कार्यालय पहुंचकर महामंत्री बी के चौधरी को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया और संगठन के प्रति आभार व्यक्त किया। बी के चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि यूनियन की स्थापना 1992 में माननीय शिबू सोरेन के सुझाव पर हुई थी, और तब से यह गरीब मजदूरों के हक और अधिकार के लिए लगातार संघर्ष कर रही है।

कार्यक्रम में प्रमुख लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर कार्यालय मंत्री आर बी चौधरी, राजेन्द्र प्रसाद, बारिया तेली, लक्ष्मण हेम्ब्रम, बिक्रम माझी, नागेश्वर महतो, चुन्नूलाल, प्रवीण सोरेन, लक्खी सोरेन, राजू मोहली, बिशाल कुमार कास्कू, लक्ष्मण मरांडी, कृष्णा माझी, दीपक सोरेन, करण सोरेन, जयदीप मूर्मू, उमेश सोरेन, बीरेन्द्र माझी, फूलेस्वर हेम्ब्रम, छोटेलाल मरांडी, मनिराम मरांडी, राजकुमार मांझी, अब्दूल वाहिद सहित अन्य कई मजदूर नेता उपस्थित थे।

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