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कृषि, सहकारिता, मत्स्य एवं गव्य विकास विभागों की समीक्षा बैठक; धान कटनी उत्सव की व्यापक तैयारी के निर्देश

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कृषि, सहकारिता, मत्स्य एवं गव्य विकास विभागों की समीक्षा बैठक; धान कटनी उत्सव की व्यापक तैयारी के निर्देश

बोकारो। आज दिनांक 17 नवंबर 2025 को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में कृषि, सहकारिता, मत्स्य, पशुपालन एवं गव्य विकास विभागों की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति, किसानों को मिल रही सुविधाओं व आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई।


कृषक पाठशाला की प्रगति की समीक्षा — जरीडीह व नावाडीह में तैयार मॉडल फार्मिंग सेंटर

जिला कृषि पदाधिकारी मो. शाहीद ने बताया कि जिले में दो कृषक पाठशालाएँ बनकर तैयार हैं—

  • नावाडीह (12.5 एकड़)

  • जरीडीह (25 एकड़)

इन केंद्रों पर कृषि मित्रों को प्रशिक्षण दिया जाता है तथा किसानों को बीज बुआई से लेकर कटाई तक, आधुनिक तकनीकों, फसल उत्पादन, तालाब आधारित मत्स्य पालन, एवं सब्जी उत्पादन जैसी गतिविधियों की जानकारी दी जाती है।

बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


धान कटनी उत्सव को भव्य रूप से मनाने के निर्देश

उपायुक्त ने कहा कि धान कटनी उत्सव को जिले में व्यापक रूप से मनाया जाए। इसके लिए सांस्कृतिक दलों, नुक्कड़ नाटक टीमों तथा जनजागरूकता समूहों की मदद लेने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा—

“देश की तरक्की में किसानों का योगदान अतुलनीय है। इसलिए उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।”

इसके साथ ही निर्देश दिया गया कि—

  • सभी प्रखंडों के बीडीओ, पैक्सों के नियंत्रक पदाधिकारी होंगे।

  • कृषि से जुड़े सभी विभाग समन्वित ढंग से कार्य करें ताकि बेहतर परिणाम मिल सके।


जरीडीह प्रखंड में एफपीओ का निबंधन 10 दिनों में पूरा करें

उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि—

  • जरीडीह प्रखंड में Farmer Producer Organization (FPO) का पंजीकरण 10 दिनों के भीतर पूरा करें।

  • एफपीओ किसानों को बेहतर बाजार, उचित मूल्य और आर्थिक सशक्तिकरण में मददगार है।

साथ ही निर्देश दिया गया कि—

  • एक सप्ताह के भीतर दोनों कृषक पाठशालाओं को साफ-सुथरा, सुव्यवस्थित और प्रशिक्षण-योग्य बनाया जाए।

  • कृषि विभाग की बैठक हर 15 दिन में आयोजित की जाए।

  • गुरु गोष्ठी एवं किसान चौपाल का आयोजन कृषक पाठशाला में ही किया जाए।

  • उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार दोनों पाठशालाओं का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।


कृषक पाठशालाओं को जिला व प्रखंड स्तर की कृषि गतिविधियों का केंद्र बनाया जाए

उपायुक्त ने कहा कि कृषक पाठशालाएँ पूरी तरह आधुनिक एवं व्यवस्थित हों।

  • खेती योग्य भूमि में घास-फूस नहीं होना चाहिए

  • यह केंद्र जिले की सभी कृषि गतिविधियों का मुख्य केंद्र बने

उन्होंने बताया कि पेटरवार प्रखंड के आमाडीह में कोल्ड स्टोरेज निर्माण का प्रस्ताव है।
इसके लिए जिला सहकारिता पदाधिकारी को स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है, ताकि निर्माण प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जा सके।


रबी फसल का बीज वितरण समय पर सुनिश्चित करें

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि—

  • रबी फसल का बीज वितरण समय पर किसानों तक पहुँचाया जाए,
    ताकि किसान समय से बुआई कर सकें।


मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा—मार्केटिंग रणनीति तैयार करने के निर्देश

मत्स्य गतिविधियों की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने जिला मत्स्य पदाधिकारी को निर्देश दिया कि—

  • जिले के सभी तालाबों में मत्स्य उत्पादन सुनिश्चित करें

  • उत्पादन के अनुरूप मार्केटिंग स्ट्रेटजी तैयार करें, ताकि किसानों व मत्स्य पालकों की आय बढ़ सके।

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