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पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, नदियां उफान पर, कई गांव टापू में तब्दील

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पश्चिमी सिंहभूम :लगातार भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला शुक्रवार रात से लगातार भारी बारिश की चपेट में है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले की प्रमुख नदियां जैसे देव नदी, रोरो नदी, नदिया और बैतरणी उफान पर हैं। कई जगहों पर नदियों का पानी पुलों के ऊपर से बह रहा है, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका गहराती जा रही है।


देव नदी का जलस्तर बढ़ा, ग्रामीण फंसे

टोन्टो प्रखंड के टोपाबेड़ा और टोन्टो गांव के बीच बहने वाली देव नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इस वजह से कई ग्रामीण टापूनुमा क्षेत्रों में फंस गए हैं। नदी का बहाव इतना तेज है कि पारंपरिक मार्ग, नाव या वैकल्पिक रास्ता भी संभव नहीं है।

  • प्रशासन से मदद की गुहार, लेकिन अब तक राहत कार्य शुरू नहीं

  • गांवों के बीच संपर्क पूरी तरह टूटा


चाईबासा शहर में पानी घरों तक घुसा

शहर के पुराने मोहल्लों में हालात बेहद गंभीर हैं:

  • घरों में पानी घुसने से सामान बर्बाद

  • बिजली आपूर्ति ठप, लोग परेशान

  • सोनुवा और अन्य क्षेत्रों में सड़कें जलमग्न, जिला मुख्यालय से संपर्क टूटा


पुलों पर बह रहा पानी, खतरा बढ़ा

  • जैंतगढ़ स्थित बैतरणी नदी पुल की नींव की मिट्टी बह गई है

  • कई पुलों के ऊपर से बह रहा है पानी, फिर भी लोग जान जोखिम में डालकर पार कर रहे हैं

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति या वाहन ऐसे पुलों से पार न करें।
यह खतरनाक हो सकता है और किसी भी वक्त दुर्घटना हो सकती है।


खेती को नुकसान, फसलें डूबने की आशंका

लगातार बारिश और जलजमाव के कारण:

  • खेतों में पानी भर गया है

  • किसानों की खड़ी फसलें बर्बादी के कगार पर

  • सोनुवा, जैंतगढ़, टोन्टो जैसे क्षेत्रों में कृषि संकट गहराता नजर आ रहा है


✅ प्रशासनिक निर्देश और चेतावनी

  • बहते पानी में पैदल या वाहन लेकर प्रवेश न करें

  • स्थानीय प्रशासन सतर्क, लेकिन राहत कार्यों की तेजी से मांग

  • ग्रामीणों ने नाव व हेलीकॉप्टर राहत पहुंचाने की मांग की है

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