घाघरा गांव में बड़ी घटना, बिना जांच खाए मशरूम ने पूरे परिवार को अस्पताल पहुंचाया
गिरिडीह: गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र के घाघरा गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। एक ही परिवार के 6 सदस्य जंगली मशरूम खाने के बाद फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। सभी पीड़ितों को प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
बीमार व्यक्तियों में राजेश वर्मा, उनकी पत्नी मनीता देवी और चार बच्चे — अभिलाषा कुमारी, सोनम कुमारी, वर्षा कुमारी और आयुष कुमार शामिल हैं।
राजेश वर्मा ने बताया कि हाल की बारिश के बाद जंगल में जमीन से उग आए मशरूम को वे घर ले आए थे। शाम के समय मशरूम की सब्जी बनाकर पूरे परिवार ने भोजन किया। लेकिन रात करीब 9:00 बजे सभी को एक-एक कर उल्टियां और चक्कर आने लगे।
स्थिति बिगड़ती देख परिवार को आनन-फानन में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में सभी को गिरिडीह सदर अस्पताल रेफर किया गया।
डॉक्टरों के मुताबिक, बारिश के मौसम में जंगली मशरूम अक्सर विषैले होते हैं, और बिना जांच खाया जाना जानलेवा हो सकता है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
⚠️ क्या कहता है स्वास्थ्य विभाग?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि:
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बारिश में उगने वाले जंगली मशरूम की पहचान करना आम व्यक्ति के लिए बेहद मुश्किल होता है।
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इनमें से कई किस्में घातक ज़हर पैदा करती हैं।
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ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जंगली खाद्य पदार्थों के सेवन से पहले जांच बेहद जरूरी है।
👉 सुझाव:
ग्रामीण क्षेत्रों में मशरूम की पहचान और उपभोग को लेकर जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
