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🔐 झारखंड CID की बड़ी कार्रवाई: 49.98 लाख की साइबर ठगी मामले में अहमदाबाद से आरोपी गिरफ्तार

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अहमदाबाद से गिरफ्तार हुआ साइबर अपराधी, वीडियो कॉल के जरिए बनाया था ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ का शिकार

रांची: झारखंड पुलिस की साइबर अपराध शाखा को बड़ी सफलता हाथ लगी है। 49.98 लाख रुपये की ऑनलाइन साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने गुजरात के अहमदाबाद से एक शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रवि हरामुखलाल गोधनिया (27 वर्ष) के रूप में हुई है।

झारखंड CID की डीएसपी नेहा बाला ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने खुद को सीबीआई, एनआईए और एनसीबी जैसे केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ित को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी और डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर उससे करोड़ों की ठगी की।


कैसे दिया साइबर ठगों ने वारदात को अंजाम?

पीड़ित ने 14 मई 2025 को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसे व्हाट्सएप कॉल कर एक साइबर गिरोह ने खुद को बेंगलुरु पुलिस व केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताया और झूठे मनी लॉन्ड्रिंग केस में नाम घसीटने की धमकी दी।
इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए लगातार दबाव बनाकर डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाते हुए, आरोपी ने पीड़ित से 49,98,888 रुपये ठग लिए।


अहमदाबाद से हुई गिरफ्तारी, खाते में एक ही दिन में जमा हुए 79 लाख

तकनीकी और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर पुलिस ने अहमदाबाद में छापेमारी कर आरोपी रवि गोधनिया को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक मोबाइल फोन, तीन ATM कार्ड, एक हार्डडिस्क, सिम कार्ड, व्हाट्सएप चैट्स और तीन चेक बुक बरामद किए गए हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के नाम पर इंडियन बैंक में खाता संख्या 20307033166 खोला गया था जिसमें एक ही दिन में 79 लाख रुपये जमा किए गए थे। यह खाता बेंगलुरु के CEN क्राइम थाना में दर्ज मामले से भी जुड़ा है। बैंक खाता फिलहाल फ्रीज कर दिया गया है।


DSP नेहा बाला की चेतावनी: “डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानून नहीं”

डीएसपी ने लोगों को साइबर ठगों से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा वीडियो कॉल के माध्यम से गिरफ्तारी नहीं की जाती, और डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।

सावधान रहें, ये बातें याद रखें:

  • अनजान कॉल या व्हाट्सएप कॉल पर विश्वास न करें।

  • किसी को भी OTP, बैंक डिटेल या UPI पिन साझा न करें।

  • किसी भी दबाव या डर में आकर पैसे ट्रांसफर न करें।

  • संदेहास्पद कॉल आते ही 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें।


🔒 साइबर सुरक्षा ही सबसे बड़ा बचाव है। जागरूक रहें, सतर्क रहें।

यदि आपको इससे संबंधित कोई जानकारी चाहिए या शिकायत दर्ज करनी है, तो नजदीकी साइबर थाने से तुरंत संपर्क करें।

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