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Bokaro News : रोका गया पानी, तेनु-बोकारो नहर की मरम्मत शुरू

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रोका गया पानी, तेनु-बोकारो नहर की मरम्मत शुरू

Bokaro News : तेनु-बोकारो नहर की मरम्मत युद्धस्तर पर जारी

बोकारो, झारखंड : तहत तेनु-बोकारो नहर की मरम्मत का कार्य तेजी से किया जा रहा है। तेनुघाट से बोकारो तक करीब 34 किलोमीटर लंबी नहर में 238 जर्जर स्थानों को चिन्हित कर आरसीसी लाइनिंग और ढलाई का काम कराया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 10 मई तक मरम्मत कार्य पूरा होने की संभावना है।

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तेनुघाट डैम से पानी बंद किये जाने के बाद नहर की सफाई और मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। छह मई से संवेदकों द्वारा कई स्थानों पर नहर सुखाने, सफाई और ढलाई का काम कराया जा रहा है। गुरुवार को अंगवाली, धधकीडीह, पिछरी, करनडीह और चलकरी क्षेत्रों में तेजी से मरम्मत कार्य चलता रहा।


34 किमी क्षेत्र में 238 जर्जर स्थलों की मरम्मत

विभागीय सूत्रों के अनुसार तेनुघाट से बोकारो तक करीब 34 किलोमीटर लंबी नहर में 238 स्थानों को मरम्मत के लिए चिन्हित किया गया है। इन जगहों पर आरसीसी लाइनिंग और ढलाई का कार्य कराया जा रहा है ताकि नहर से पानी के रिसाव को रोका जा सके।

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संवेदकों को तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। विभाग का अनुमान है कि 10 मई की देर शाम तक नहर में पानी फिर से छोड़ा जा सकता है।


जलापूर्ति बाधित होने से ग्रामीण परेशान

नहर की मरम्मत के कारण तेनुघाट डैम से पानी बंद कर दिया गया है। इससे कई गांवों की जलापूर्ति योजना प्रभावित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी बंद होने से दैनिक जरूरतें पूरी करने में दिक्कत हो रही है। कई जगहों पर वैकल्पिक जल व्यवस्था की मांग उठ रही है।


नहर मरम्मत में अनियमितता का आरोप

झामुमो (उलगुलान) ने जांच की मांग की

झारखंड मुक्ति मोर्चा (उलगुलान) के केंद्रीय महासचिव बेनीलाल महतो ने नहर मरम्मत कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में कहा गया है कि हर साल नहर के रख-रखाव पर लाखों रुपये खर्च किये जाते हैं, लेकिन कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।


कमजोर सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप

आरोप लगाया गया है कि नहर में बालू से भरे बोरे की जगह मिट्टी भरी जा रही है। साथ ही ढलाई कार्य में कमजोर सरिया के उपयोग की बात भी सामने आयी है।

हालांकि विभागीय अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गयी है।


Conclusion

तेनु-बोकारो नहर की मरम्मत कार्य को समय पर पूरा करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। एक ओर जहां युद्धस्तर पर काम जारी है, वहीं दूसरी ओर जलापूर्ति बाधित होने और अनियमितता के आरोपों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी नजर 10 मई पर टिकी है, जब नहर में दोबारा पानी छोड़े जाने की संभावना जतायी गयी है।

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