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जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक: बोकारो में योजनाओं को 80% तक पूर्ण करने का निर्देश

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जल जीवन मिशन समीक्षा बैठक में कार्यों की प्रगति को लेकर दिए सख्त निर्देश

उपायुक्त ने कहा: ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता

बोकारो: समाहरणालय स्थित सभागार में शनिवार को उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन अंतर्गत एमवीएस/एसवीएस योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित एजेंसियों, संवेदकों एवं पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि अगले एक माह में योजनाओं की प्रगति कम से कम 80% तक सुनिश्चित की जाए।

बैठक की शुरुआत में उपायुक्त ने सभी प्रखंडों में संचालित जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा की, जिसमें हाउसहोल्ड कनेक्शन, रिट्रोफिटिंग व लंबित योजनाएं प्रमुख रहीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों में तेजी लाएं और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।


“जल मुहैया कराना मानवता का कार्य है”

उपायुक्त झा ने कहा, “ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासनिक नहीं बल्कि मानवीय दायित्व है। सभी एजेंसियों को इसमें अपना 200% योगदान देना चाहिए।” उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा और जिन योजनाओं की प्रगति 75–85% तक पहुंच चुकी है, उनके लिए राज्य से आवंटन मिलते ही भुगतान प्राथमिकता से किया जाएगा।


फील्ड लेवल पर तत्परता और निगरानी के निर्देश

उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंताओं को निर्देशित किया कि छोटी-छोटी तकनीकी समस्याओं का समाधान अपने स्तर से करें। उन्होंने साप्ताहिक समीक्षा और पखवाड़ा स्तर पर उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित करने को कहा ताकि कार्यों की गति बनी रहे।

इस दौरान यह भी सामने आया कि कुछ जल सहिया जल कर की राशि विभाग को नहीं जमा कर रही हैं। उपायुक्त ने सख्ती दिखाते हुए कहा, “ऐसी जल सहिया को नोटिस जारी करें, और यदि फिर भी राशि जमा नहीं होती है तो प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई करें।”


लंबित योजनाओं का एक सप्ताह में निपटारा हो

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि रिट्रोफिटिंग एसवीएस की 69 योजनाओं में से 23 योजनाएं अभी तक हैंडओवर नहीं हो सकी हैं, जिनमें चास, चंदनकियारी, जरीडीह व चंद्रपुरा प्रखंड शामिल हैं। इन योजनाओं को एक सप्ताह में पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।


“जनकल्याणकारी योजना है, कोई लापरवाही न हो”

उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि जल जीवन मिशन एक जनकल्याणकारी योजना है, और इसकी गुणवत्ता, गति व पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


बैठक में मौजूद रहे अधिकारी

इस समीक्षा बैठक में कार्यपालक अभियंता चास राम प्रवेश राम, कार्यपालक अभियंता तेनुघाट चंदन कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह समेत सभी सहायक/कनीय अभियंता, संवेदक एवं एजेंसी प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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