Home NEWS BOKARO जब प्रशासन बना सहारा: बेटे की जिंदगी बचाने खुद घर पहुंचे DC

जब प्रशासन बना सहारा: बेटे की जिंदगी बचाने खुद घर पहुंचे DC

0
दिल छू लेने वाली खबर: अंकित के इलाज के लिए आगे आया बोकारो प्रशासन

जनता दरबार से इलाज तक, DC अजय नाथ झा खुद पहुंचे घर; अंकित को दिया हौसला

बोकारो: प्रशासनिक संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल उस वक्त देखने को मिली, जब जनता दरबार में पहुंचे एक पिता की गुहार पर जिला प्रशासन पूरी ताकत के साथ एक बेटे की जिंदगी बचाने में जुट गया।

जरीडीह प्रखंड के बक्सपुरा गांव निवासी अवधेश कुमार राय अपने 25 वर्षीय पुत्र अंकित की गंभीर बीमारी को लेकर जनता दरबार पहुंचे थे। अंकित पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर स्थिति से जूझ रहा है। मामले की गंभीरता को समझते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा ने तुरंत चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


🏠 घर पहुंचा प्रशासन, बढ़ाया हौसला

मानवीय पहल का उदाहरण देते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा और उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार स्वयं अंकित के घर पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ स्वास्थ्य की जानकारी ली, बल्कि परिवार को भावनात्मक संबल भी दिया।

अधिकारियों ने अंकित को हिम्मत बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ इलाज जारी रखने की प्रेरणा दी।


✈️ दिल्ली में होगा इलाज

अंकित को बेहतर इलाज के लिए Medanta Hospital भेजा जा रहा है, जहां वह अपने परिजनों के साथ इलाज कराएगा। प्रशासन ने पूरी चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है।


💬 “मायूसी नहीं, मुस्कान के साथ लौटना” – DC

उपायुक्त ने अंकित से कहा—
“अब मन को मजबूत रखना है, हर परिस्थिति में सकारात्मक रहना है। मायूस नहीं होना है… तुम्हारी मुस्कान ही तुम्हारी ताकत है।”

यह शब्द न केवल अंकित, बल्कि पूरे परिवार के लिए हौसला बनकर सामने आए।


🚆 सफर से इलाज तक हर कदम पर साथ

जिला प्रशासन ने इलाज से लेकर यात्रा तक हर व्यवस्था सुनिश्चित की है।

  • सिविल सर्जन को घर पर ही आवश्यक चिकित्सा सुविधा देने का निर्देश
  • रेलवे प्रशासन को बोकारो स्टेशन पर विशेष सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश
  • यात्रा के दौरान भी हर संभव मदद की व्यवस्था

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version