सांसद ढुलू महतो, बाघमारा एसडीपीओ, आउटसोर्सिंग विवाद, हिलटॉप कंपनी विवाद
📍 बाघमारा: बाघमारा के बीसीसीएल क्षेत्र संख्या-3 के खरखरी कोलियरी अंतर्गत हिलटॉप आउटसोर्सिंग कंपनी को लेकर चल रहे विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को आयोजित त्रिपक्षीय बैठक में धनबाद सांसद ढुलू महतो के तेवर तीखे नजर आए। उन्होंने एसडीपीओ बाघमारा पुरुषोत्तम कुमार सिंह और आउटसोर्सिंग प्रबंधन की मौजूदगी में मर्यादा लांघते हुए कंपनी के एक पदाधिकारी को खुलेआम धमकाया। ग्रामीणों और रैयतों के दो गुटों में बंटने के बाद प्रशासन व कंपनी प्रबंधन पर भारी दबाव है। बताते चलें कि रैयतों के मुआवजा और स्थानीय युवाओं की नियुक्ति को लेकर हिलटॉप कंपनी विवादों में घिरी हुई है। गिरिडीह सांसद सीपी चौधरी और धनबाद सांसद ढुलू महतो दोनों अलग-अलग गुटों के समर्थन में हैं, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।
🔸 वार्ता के दौरान बिगड़ा माहौल
गोविंदपुर महाप्रबंधक द्वारा बुलाई गई इस त्रिपक्षीय वार्ता में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। बैठक के दौरान सांसद ढुलू महतो ने आवेश में आकर हिलटॉप कंपनी के एक अधिकारी को “चड़ाक से मारने” की धमकी दी। इस घटना से माहौल गर्म हो गया और कंपनी के प्रतिनिधि वार्ता अधूरी छोड़कर बाहर निकल गए।
🔸 सांसद का आरोप: मनमानी कर रही कंपनी
मीडिया से बातचीत में सांसद ढुलू महतो ने आरोप लगाया कि हिलटॉप कंपनी गुंडों के दम पर ग्रामीणों और रैयतों का दोहन कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक मुआवजा और नियोजन का मामला नहीं सुलझेगा, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
🔸 प्रशासन और प्रबंधन का रुख
गोविंदपुर महाप्रबंधक सुधाकर कुमार ने जानकारी दी कि कंपनी का कार्य अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अब केवल अंचल कार्यालय द्वारा ज़मीन की वैध माफी के बाद ही कार्य को पुनः आरंभ किया जाएगा। वहीं एसडीपीओ बाघमारा ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
निष्कर्ष:
सांसदों के हस्तक्षेप और स्थानीय लोगों के आक्रोश के चलते हिलटॉप आउटसोर्सिंग कंपनी का संचालन विवादों में घिर गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
