जिले में फिर से सुचारु हुई 108 एंबुलेंस सेवा
जिले में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मियों की हड़ताल को उपायुक्त अजय नाथ झा की सक्रिय पहल और समन्वय के बाद समाप्त कर दिया गया है। उपायुक्त द्वारा कर्मियों और कंपनी प्रबंधन के साथ की गई वार्ता के फलस्वरूप सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लौट आए हैं, और जिले में एंबुलेंस सेवाएं फिर से पूरी तरह से शुरू हो गई हैं।
समस्याओं का समाधान एक माह में – उपायुक्त का निर्देश
उपायुक्त ने 108 सेवा से जुड़े मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली कंपनी को निर्देश दिया है कि एक माह के भीतर कर्मियों की सभी शिकायतें और समस्याएं हल की जाएं। उन्होंने कहा कि मानदेय का समय पर भुगतान, कार्यस्थल पर व्यवहार में सुधार और शिकायत निवारण की पारदर्शी प्रक्रिया अनिवार्य रूप से अपनाई जाए।
“इस पूरे मामले की निगरानी मैं स्वयं करूंगा,” – उपायुक्त अजय नाथ झा
वाहनों की मरम्मत और भुगतान पर विशेष जोर
उपायुक्त ने यह भी कहा कि 108 सेवा के वाहनों की नियमित मरम्मत होनी चाहिए ताकि आपातकालीन सेवाएं बाधित न हों। डीपीएम दीपक कुमार को निर्देश दिया गया कि सभी कर्मियों की उपस्थिति रिपोर्ट समय पर भेजी जाए और हर माह की 10 तारीख तक प्रत्येक कर्मी के खाते में ₹14,460 का भुगतान सुनिश्चित हो।
त्रिपक्षीय बैठक में निकला समाधान
समाहरणालय में उपायुक्त की अध्यक्षता में कंपनी प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग और कर्मियों के प्रतिनिधियों की त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई। इसमें कर्मियों की समस्याओं, कंपनी की जवाबदेही और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी पक्षों को समन्वय और पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
नियमित रिपोर्टिंग के निर्देश
सिविल सर्जन डॉ. ए.बी. प्रसाद और जिला कार्यक्रम प्रबंधक को निर्देशित किया गया है कि वे इस पूरी प्रक्रिया की निरंतर प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को देते रहें ताकि सेवाओं में कोई बाधा न आए।
🗣 “सेवा में व्यवधान बर्दाश्त नहीं” – उपायुक्त
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आपातकालीन सेवाएं जैसे 108 एंबुलेंस किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा:
“हमारी प्राथमिकता है कि कर्मियों के हित भी सुरक्षित रहें और आम नागरिकों को निर्बाध सेवाएं मिलती रहें।”
