जिला नजारत कार्यालय की 1 जुलाई से होगी विशेष लेखा जांच, भवन प्रमंडल के वायरल वीडियो मामले में एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब
बोकारो | 27 जून 2026
बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला नजारत कार्यालय एवं भवन प्रमंडल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता के प्रति जिला प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगा। साथ ही नजारत कार्यालय के अभिलेखों की विशेष जांच और भवन प्रमंडल के वायरल वीडियो मामले में विस्तृत जांच के निर्देश दिए।
डीसी ने नजारत और भवन प्रमंडल कार्यालय का किया औचक निरीक्षण
शनिवार को उपायुक्त अजय नाथ झा ने समाहरणालय स्थित जिला नजारत कार्यालय तथा कैंप-2 स्थित भवन प्रमंडल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वित्तीय अभिलेखों, पंजीयों एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और कर्मियों को वित्तीय नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रशासन में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है और भ्रष्टाचार या किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
1 जुलाई से होगी जिला नजारत कार्यालय की विस्तृत जांच
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने रोकड़ पंजी, स्टॉक पंजी, कंटिजेंट रजिस्टर, आवंटन पंजी सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का निरीक्षण किया।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पंजी नियमित रूप से अद्यतन रखे जाएं। वित्तीय प्रबंधन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला लेखा जांच समिति 1 जुलाई 2026 से जिला नजारत कार्यालय के अभिलेखों की विस्तृत जांच करेगी।
उपायुक्त ने जिला नजारत उप समाहर्ता राज शर्मा को सभी अभिलेखों का सत्यापन कर जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
आवंटन के अनुरूप ही खर्च हो सरकारी राशि
उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि जिस उद्देश्य के लिए बजट आवंटित किया गया है, उसी मद में राशि खर्च की जाए।
उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही प्रशासन की मजबूत व्यवस्था की आधारशिला हैं तथा सभी अधिकारियों को इसका अक्षरशः पालन करना होगा।
भवन प्रमंडल के वायरल वीडियो मामले की होगी विस्तृत जांच
हाल ही में भवन प्रमंडल कार्यालय से जुड़े वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने कार्यालय का निरीक्षण किया और कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता एवं अन्य कर्मियों से पूरे मामले की जानकारी ली।
अधिकारियों ने बताया कि 50 लाख रुपये तक की निविदाएं ऑफलाइन प्रक्रिया से संपन्न होती हैं। संबंधित मामले में निर्धारित समय सीमा तक दो आवेदन प्राप्त हुए थे, जबकि बाद में संवेदकों के बीच राशि के लेन-देन का वीडियो सामने आया था।
एक सप्ताह में मांगी जांच रिपोर्ट
उपायुक्त ने अपर समाहर्ता सुनील चंद्र को निर्देश दिया कि सभी संबंधित पक्षों, संवेदकों और कार्यालय कर्मियों को नोटिस जारी कर उनका बयान दर्ज किया जाए तथा पूरे मामले की विस्तृत जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय की गरिमा एवं कार्य संस्कृति बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता सुनील चंद्र, जिला नजारत उप समाहर्ता राज शर्मा, जिला कोषागार पदाधिकारी गुलाब चंद उरांव एवं सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.




