Home NEWS विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा झारखंड बंद असरदार रहा : बबलू मुंडा

विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा झारखंड बंद असरदार रहा : बबलू मुंडा

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विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा झारखंड बंद असरदार रहा : बबलू मुंडा

विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा झारखंड बंद असरदार रहा : बबलू मुंडा

रांची – दिनांक 4 जून 2025 को केंद्रीय सरना समिति व अन्य आदिवासी संगठनों के आह्वान पर झारखंड बंद पूरी तरह असरदार रहा। केंद्रीय अध्यक्ष बबलू मुंडा और मुख्य पहान जगलाल पहान के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से रांची सहित अन्य जिलों में बंद को सफल बनाया।

कार्यकर्ताओं ने लाइन टैंक रोड से लेकर अल्बर्ट एक्का चौक तक रैली निकालते हुए दुकानदारों से शांतिपूर्वक बंद में सहयोग करने की अपील की। इसके पश्चात अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ गए। इसी दौरान जिला प्रशासन ने बंद समर्थकों को हिरासत में ले लिया।

बबलू मुंडा ने सरकार पर साधा निशाना
बंद के दौरान बबलू मुंडा ने कहा कि, “झारखंड में अबुआ सरकार नहीं, बबुआ सरकार चल रही है।” उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार को आदिवासी विरोधी बताते हुए कहा कि पिछले साढ़े पांच वर्षों में आदिवासी समाज की उपेक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि सिरमटोली फ्लाईओवर रैम्प पर जारी आंदोलन के बावजूद मुख्यमंत्री मौन हैं।

धार्मिक स्थलों की रक्षा की मांग
उन्होंने सिरमटोली फ्लाईओवर रैंप विवाद के अलावा मरांग बुरू, पारसनाथ हिल्स (गिरिडीह), लुगु बुरू, मुधर हिल्स (पिठोरिया), दिउरी दिरी (तमाड़) और महदानी सरना स्थल (बेड़ो) जैसे धार्मिक स्थलों को बचाने की मांग को लेकर बंद को पूरी तरह जनहितकारी और असरदार बताया।

जगलाल पहान का बड़ा बयान
मुख्य पहान जगलाल पहान ने कहा, “जिस दिन हमारी संस्कृति और परंपरा खत्म होगी, उसी दिन आदिवासी समाज भी खत्म हो जाएगा।” उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वह आदिवासी हितों की रक्षा के लिए आगे आएं।

प्रमुख उपस्थिति
इस आंदोलन में प्रमुख रूप से उपस्थित थे –
बबलू मुंडा, जगलाल पहान, महासचिव महादेव टोप्पो, सुरेन्द्र लिंडा, कुमोद कुमार वर्मा, अमर उरांव, चीकू लिंडा, प्रेम लिंडा, विकास संगा, संजय लकड़ा, मुन्ना हेमरोम, मुकेश मुंडा, आशीष मुंडा, महादेव मुंडा, विशाल मुंडा, नरेश मुंडा, संदीप हेमरोम, शशि उरांव आदि।

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